आज का विचार
आज का विचार
मुन्शी प्रेमचन्द जी ने उनके प्रसिद्ध उपन्यास गोदान में लिखा कि -
नारी में पुरुष के गुण आ जाते हैं
तो वह कुलटा हो जाती है।”
तो वह कुलटा हो जाती है।”
हमारे समाज के परिपेक्ष्य में बात सही भी है।
यथो हस्त तथो दृष्टि - जहाँ हाथ, वहां दृष्टि ! यथो दृष्टि तथो मनः - जहाँ दृष्टि ,वहां मन/मष्तिष्क ! यथो मनः तथो भाव - जहाँ मन/मष्तिष्क वहां भाव (inner feelings )! यथो भाव तथो रस - जहाँ भाव होगा , वहां ऱस !
हमारे समाज के परिपेक्ष्य में बात सही भी है।
Comments
Post a Comment