आज का विचार

 आज का विचार 

मुन्शी प्रेमचन्द जी ने उनके प्रसिद्ध उपन्यास  गोदान में लिखा कि  -


मुन्शी प्रेमचन्द जी ने उनके प्रसिद्ध उपन्यास  गोदान में लिखा कि  -  "स्त्री पृथ्वी की भाँति धैर्यवान है, शांति -संपन्न है।  सहिष्णु है।    पुरुष में नारी के गुण आ जाते हैं, तो वह महात्मा बन जाता है। नारी में पुरुष के गुण आ जाते हैं तो वह कुलटा हो जाती है।"स्त्री पृथ्वी की भाँति धैर्यवान है,
शांति -संपन्न है। 
सहिष्णु है।   
पुरुष में नारी के गुण आ जाते हैं,
तो वह महात्मा बन जाता है।
नारी में पुरुष के गुण आ जाते हैं
तो वह कुलटा हो जाती है।”

हमारे समाज के परिपेक्ष्य में बात सही भी है। 

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