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Sunday, June 26, 2011

It's By Me . . . !









2 comments:

  1. ओ जी कमाल कर दित्ता है तुसी....जल्दी ही अहमदाबाद आना पड़ेगा ते मतीरा खाना पड़ेगा...फुल्ल गुलाब दा ते चंडीगड़ पंजाब दा...ते सचमुच हद नालों वद है जी... (ये मनन के साथ रहने का असर है क्या?)

    नीरज

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  2. बहुत बहुत शुक्रिया चाचा जी ! आप आईये न कभी अहमदाबाद ,और ये , ये तो मनन को खुश करने के लिए है . . . देखो हमारा प्यार ! की हम सब्जियों में गुलाब ढूंढते है ! :)

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