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Monday, August 02, 2010

Jindagi ka Safar !

जिंदगी कौन से दोराहे से गुजर रही है,
ना मालूम है उनको, ना हमें !
 जिसके होने के एहसासों में जी रहे है  ,
उसके आने की खबर, ना उनको है, ना हमें !!

आसान सा दिखता है जो सफ़र,
उसकी अनदेखी मुश्किलों का अंदाजा, ना उनको है ना हमें !!

 . . . . . . . . . . नवनीत गोस्वामी

1 comment:

  1. ओ जी जे आपको नहीं मलूम तो फिर किसको है जी?

    नीरज

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